Friday, November 11, 2011

यार की शादी है


//व्‍यंग्‍य-प्रमोद ताम्बट//
   यारों की शादी का सीज़न शुरू हो गया है। चारों ओर ‘‘यार की शादी है, यार की शादी है’’ की संगीतमय घोषणा प्रसारित होने लगी है। एक बात मुझे आज तक समझ में नहीं आई है कि शादी के समय गला फाड़-फाड़कर, मेरे यार की शादी है, मेरे यार की शादी है, चिल्लाने की क्या ज़रुरत होती है। बैंड का गायक बूफर की कर्कष ध्वनि पर यार की शादी है, यार की शादी है चिल्ला रहा होता है, इधर दूल्हे के यार, दूल्हे की चिंता छोड़कर मुफ्त की दारू छकने या दूल्हे की रिश्तेदार लड़कियों के साथ नैन-मटक्का करने में व्यस्त होते हैं।
दूल्हे के यार होने के कारण कोई बाराती उन्हें यह समझाने का रिस्क लेना नहीं चाहता कि दूल्हे के बाप-दादे, माँ-बहने बारात के साथ चल रही हैं, थोड़ा शराफत से चला जाए। दारू हिसाब से चढ़ाई जाए व नालियों में शयन ना किया जाए और कम से कम दूल्हे के घर की लड़कियों से तो चुहलबाज़ी न की जाए, दुल्हन का घर, जनवासा आने तक सब्र किया जाए।
नशे में चूर दूल्हे के यार, यार की शादी की खुशी में इस कदर डूब जाते हैं कि नृत्य करते हुए उन्हें यह भी ध्यान नहीं रहता कि उनकी लो वेस्ट की जींस पेंट खिसक कर पलायन कर चुकी है, और वे हेलनबने यार की शादी है, यार की शादी है गीत पर ठुमक रहे हैं। अजीब बात है, दुल्हन दूल्हे को मिलने वाली है ये  फालतू नाच-नाचकर कमर तोडे़ ले रहे हैं? हनीमून पर यार जाने वाला है, इनकी बाँछे खिली हुई है? शादी के लड्डू का स्वाद दूल्हा चखने वाला है, मुँह से पानी इनके टपक रहा है?
अच्छा ज़माना है, दोस्ती का फर्ज निभाते हुए उस बेचारे को समझाने की बजाए कि-‘‘देख भाई तू जो यह घोड़े पर गधा बना बैठा, जनवासे में मुँह ढाँपे बैठी गधी को ब्याहने जा रहा है, इससे पृथ्वी पर जनसंख्या का बोझ बढ़ने के अलावा कुछ नहीं होने वाला है। इसलिये जनवासा आने से पहले एक बार अच्छी तरह सोच ले.....’’दूल्हे के ये सारे मायकल जेक्सन यार टुन्न नाच-गाकर दूल्हे की शहादत का जश्न मना रहे हैं। 

5 comments:

  1. ब‍ेगानी शादी में अब्‍दुल्‍ला दीवाना।

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  2. :-) वाहा बहुत ही बढ़िया व्यंगात्मक सटीक चित्रण किया है आपने बारात का, मज़ा आगया पढ़कर बहुत दिनों बाद कुछ अलग सा पढ़ने को मिला ....समय मिले तो कभी आयेगा मेरी पोस्ट पर भी आपका स्वागत है

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