Saturday, January 7, 2012

हास्‍य कवियों के मुगालते


//व्यंग्य-प्रमोद ताम्बट//          
एक हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन में घोषणा की जा रही थी, कि हँसानादुनिया का सबसे कठिन काम है। हास्य-व्यंग्यकार फूल कर कुप्पा हुए जा रहे थे-वाह, हम दुनिया का सबसे कठिन काम कर रहे हैं, लोगों को हँसा रहे हैं। मैं दर्शकों को घूर रहा था, और तलाश रहा था एक अदद ऐसे इंसान को जो इस हँसने-हँसाने की महफिल में रोता हुआ आया हो, मगर दूर-दूर तक ऐसा कोई नज़र नहीं आया जो बैठा फफक फफक कर रो रहा हो और इंतज़ार कर रहा हो कि कोई उसे हँसाए। सभी ऑलरेडी हँस रहे थे और मंच की और लालच भरी निगाहों से ताक रहे थे कि कब वहाँ से हास्य रस की सप्लाई हो और वे रसपान करें।
हास्य-व्यंग्यकारों को फालतू की एक गलत-फहमी है कि देश में हँसीकी भारी कमी है। माना कि देश में परिस्थितियाँ बुक्का फाड़कर रोने भर के लिए अनुकूल हैं, परन्तु ऐसा नहीं है कि हँसने-हँसाने का कोई टोटा हो। लोग खूब हँस रहे हैं और ठठाकर हँस रहे हैं। सड़क से लेकर संसद तक जब मज़ाक ही मज़ाक बिखरा हुआ हो तो आदमी हँसेगा नहीं तो क्या मातम करेगा! देश की जनता के कांधे पर क्रांति-व्रांति का कोई फालतू भार तो है नहीं जो उन्हें मुँह लटकाकर फिरना पड़े, तो फिर क्यों नहीं लोग खुलकर खी-खी खूँ-खूँ करेंगे! कवि-व्यंग्यकार लोग जबरन चिन्ता में दुबले हुए जा रहे हैं कि दुनिया में हँसना बड़ा मुश्किल हो रहा है, और जैसे वे लोगों को हँसा-हँसाकर महान ऐतिहासिक कर्त्‍तव्य पूरा कर रहे हों।
दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र के अपने चुटकुले हैं और अपने मज़ाक हैं। देश में चुनाव हों तो लोगों को हँसी आती है। भ्रष्ट सरकार बने तो लोग खूब हँसते हैं। सरकारें लोग घोटाले करें तो लोग खिखिखिखि करते हैं, मंत्री-अफसर जेल में बंद हों तो ठहाकों से आसमान गूँज उठता है।
      भाई साहब, यहाँ हास्य-व्यंग्य की कोई कमी नहीं, बात-बात पर हँसना लोगों की फितरत है। कमी है तो बस एक चीज़ की, लोगों को शर्म आना बंद हो गई है। किसी को शर्म पैदा करने का हुनर आता हो तो आजमाए, जबरन हँसने वालों को शर्म आए तो शायद बात बने।

7 comments:

  1. Nice post .

    हुस्न की हिफ़ाज़त और सेक्स पॉवर की कुंजी Golden key
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2012/01/golden-key.html

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  2. जबरिया हँसाई उद्योग..

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  3. बहुत खूब ..
    बेशर्मी के इस आलम में शर्म कैसी

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  4. अत्यंत ही सटीक कटाक्ष युक्त प्रभावशाली आलेख

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