Saturday, March 19, 2011

बुरा न मानो होली है

//व्यंग्य-प्रमोद ताम्बट//
   होली के मौके पर बरसों से सुनते आ रहे हैं-‘‘बुरा न मानो होली है, बुरा न मानो होली है।’’ सवाल है, इसमें बुरा मानने वाली कौन सी बात है! होली है, अच्छी बात है, खेलो होली, पोतो   गोबर-कीचड़, पानी बरबाद करो, चढ़ाओं भांग-ठर्रा, नालियों में लोट लगाओं, किसी के कपड़े फाड़ो, सिर तोड़ो, होली के नाम पर जो करना है करो। जिसे मानना होगा बुरा लाख मना करने के बाद भी मानेगा और जिसे न मानना होगा नहीं मानेगा।
    वैसे, बेशर्मो की इस दुनिया में आजकल बुरा मानता कौन है। आखिर कोई बुरा मानेगा ही क्यों, क्या उसे पागल कुत्ते ने काट खाया है। बुरा मानना ही है तो उसके लिए वह होली का ही इंतज़ार क्यों करेगा, बैठेठाले कभी भी बुरा मान लेगा, कौन उसका क्या उखाड़ लेगा। चलिए, चोर को चोर कहने की आपकी छिछोरी हरकत पर खुदा न खास्ता कोई बुरा मान ही ले तो आपको क्या लगता है वह चुल्लू भर पानी में डूब मरने के लिए दौड़ पडेगा ? हरगिज़ नहीं।
    शर्म-लिहाज़ के युग में लोगों के बुरा मानकर चुल्लू भर पानी में डूब मरने का डर हुआ करता था, इसलिए चोर को ‘चोर’ कहने के लिए होली का सुअवसर चुना जाता था और पहले उसे भली-भाँति आगाह करके कि- होली है, बुरा न मानो, हँसी मज़ाक में उसे ‘चोर’ कह लिया जाता था। चोर को ‘डाकू’ कहने की योजना हो तो होली की छूट का लाभ लेकर यह भी कर लिया जाता था। समझदार इंसान इशारा समझकर थोड़ा बहुत बुरा मानकर अपने-आपको सुधार भी लेता था।
    अब ज़माना बदल गया है, साल के किसी भी महीने में किसी भी दिन, किसी भी बहाने से आप चोर को ‘चोर’ कहिये, ठग, जालसाज, घोटालेबाज कहिये वह बुरा मानने से रहा। मजाल है जो उसके कानों पर जूँ भी रेंग जाए। अलबत्ता मुझे लगता है कि आज के इस युग में किसी को यदि आप ‘ईमानदार’ कहने की गलती कर बैठे तो वह बीच बाज़ार में हाथ में चप्पल लेकर आपको मारने दौड पड़े।
    सच तो यह है कि आजकल कोई किसी पर कीचड़ उड़ाए या खून की होली ही क्यों न खेले कोई बुरा नहीं मानता।

14 comments:

  1. Holi ke bahane aaj ka katu satya!
    Sundar chintansheel prastuti ke liye aabhar
    AApko aur aapki pariwar ko Holi kee bahut bahut shubhkamnayen

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  2. जी हाँ होली का सही विवेचन है यह.आप सब को होली बहुत-बहुत मुबारक हो.

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  3. इतनी नौटंकी देखकर अब होली में क्यों माना जाये?

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  4. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

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  5. बढ़िया व्यंग्य.
    आपके ब्लॉग का टैम्प्लेट काला पृष्ठभूमि में श्वेत अक्षर पठन-पाठन में रुकावट पैदा करता है. कृपया इसे बदल कर पृष्ठभूमि हल्के रंग का प्रयोग करें तो उत्तम.

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  6. होली के पर्व की अशेष मंगल कामनाएं। ईश्वर से यही कामना है कि यह पर्व आपके मन के अवगुणों को जला कर भस्म कर जाए और आपके जीवन में खुशियों के रंग बिखराए।
    आइए इस शुभ अवसर पर वृक्षों को असामयिक मौत से बचाएं तथा अनजाने में होने वाले पाप से लोगों को अवगत कराएं।

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  7. हम तो मान गये........अच्छा।

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  8. रंगों के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई ...

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  9. बुरा ना मनो होली है ....व्यंग अच्छा है शुक्रिया सर लेख प्रदर्शित करने के लिए ..........

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  10. प्रमोद जी आप बुरा मानें या न मानें पर होली की शुभकामनाये और बधाई स्वीकार करें .

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  11. होली के पर्व की अशेष मंगल कामनाएं।
    आइए इस शुभ अवसर पर वृक्षों को असामयिक मौत से बचाएं तथा अनजाने में होने वाले पाप से लोगों को अवगत कराएं।

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  12. कमाल का लिखते हैं आप...


    आपको परिवार सहित होली की बहुत-बहुत मुबारकबाद... हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  13. आपको एवं आपके परिवार को होली की बहुत मुबारकबाद एवं शुभकामनाएँ.

    सादर

    समीर लाल

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