मंगलवार, 16 जून 2026

G7 शिखर सम्मेलन और ट्रम्‍प-मोदी जंगी मुठभेड़

// व्‍यंग्‍य-प्रमोद ताम्‍बट//

        फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में विश्व दारोग़ा ट्रम्प और विश्वगुरु मोदी जी की जंगी मुठभेड़ होने वाली है। ट्रम्प वैसे तो हाल ही की अपनी हरकत के बाद भारतीय अधिकारियों की फटकार से डरा सहमा होगा और मोदी जी से मिलने में उसकी जान सांसत में अटकी पड़ी होगी, और वह एक याचना प्रधान माफीनामा याद कर के आनेवाला होगा, लेकिन ट्रम्प कितना भी रोए-गाए मगर मोदी जी को अपने तेवर बिल्कुल भी ढीले नहीं छोड़ने चाहिए। हो सकता है मोदी जी ट्रम्प पर द्रवित होकर अपनी लाल आखें होटल के कमरे पर ही छोड़कर निकल जाएँ उससे मिलने, या बच्चाल मोदी जी की लाल आखों से डर न जाए इसलिए महँगा वाला काला चश्मा पहन कर मीटिंग में जाएँ लेकिन देश की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर मोदी जी को ट्रम्प के ऊपर रत्ती भर भी तरस नहीं खाना चाहिए, एक सौ चालीस करोड़ भारतीय जनता इस समय ट्रम्प से बेहद नाराज़ है इसलिए उसे उसकी औक़ात दिखा ही देनी चाहिए मोदी जी को।

हमें पता है कि मोदी जी बेहद गुस्से में G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने गए हैं क्योंकि युद्धखोर ट्रम्प के सैनिकों ने 3 भारतीय नागरिकों की निर्मम हत्या करके दोनों के बीच की जिगरी दोस्ती का मज़ाक उड़ाया है। समय-समय पर बेइज़्ज़ती करने और मखौल उड़ाने, भारतीय नागरिकों को रस्सी से बाँधकर अमेरिका से हकालने जैसी घटनाओं और भारत को नरक का द्वार कहने जैसी ट्रम्‍प की धृष्‍टताओं से वैसे ही मोदी जी का गुस्सा सातवे आसमान पर है और हत्‍याओं की इस घटना ने तो उन्हें इतना प्रचंड गुस्सा दिला दिया है कि हमें डर है वे कहीं शिवजी की तरह अपना तीसरा नेत्र खोलकर ट्रम्प को भस्म ही न कर दें।

मुझे इन दोनों परम मित्रों के बीच संभावित बातचीत का नज़ारा दिखाई दे रहा है।  

ट्रम्प बायी तरफ़ से प्रवेश करते हैं और मोदी जी दायी तरफ़ से। मोदी जी ना बाहें फैलाए आगे बढ़ते हैं ना ही तपाक से ट्रम्प के गले पड़कर उसकी पीठ ठोकते हैं। बल्कि मोदी जी खा जाने वाली नज़रों से ट्रम्प को घूरते हुए दाया पैर डायस पर ज़ोर से पटक कर ट्रम्प के बगल में जा खड़े होते हैं और फोटोग्राफरों को इशारा करते हैं। फ़ोटोग्राफ़र इशारा समझ जाते हैं। दनादन फ़ोटो खींचते हैं। ट्रम्प मोदी के पैरों में गिर पड़ता है और दया और याचना की नज़रों से गर्दन उठाकर मोदी जी की ओर देखता है। मोदी जी घृणा से चेहरा घुमा लेते हैं, ट्रम्प भी उनके चेहरे के साथ ही पूरा घूम जाता है और मोदी जी के पैर पकड़ लेता है। मोदी जी कनखियों से अपने साथ गए भारतीय कार्पोरेट प्रतिनिधि मंडल की और देखते हैं और गर्व से गरदन ऊँची करके सम्‍मेलन स्‍थल की छत को देखने लगते हैं। लेकिन थोड़ी ही देर बाद मोदी जी पसीज जाते हैं और ज़मीन पर लोट रहे ट्रम्प को कंधे पकड़कर उठाते हैं जैसे कृष्‍ण  भगवान सुदामा को उठा रहे हों, और भींच कर गले लगा लेते है। मोदी जी भावुक होकर ट्रम्प से कहते है- माय फ्रेंड डोलांड, उठो। गलती तो इंसान से ही होती है, लेकिन मेरा सीना छप्पन इंच का है, मैं तुम्हें माफ़ करता हूँ। कार्पोरेट प्रतिनिधि मंडल तालियाँ पीटता है।

ट्रम्प रोते हुए कहता है- माय फ्रेंड मोडी, यू आर ग्रेट।

मोदी कहते हैं- काहे के ग्रेट, तुमने मेरा जीना हराम करके रखा है। आए दिन धमकियाँ देते रहते हो।

ट्रम्प कहता है- कैसी बातें कर रहे हो तुम? मैं भला क्‍यों तुम्‍हें धमकियाँ दूँगा? वह सब बकवास वाले वीडियों एआई से बना-बनाकर डाल रहें हैं लोग। तुम ठहरे संत आदमी, बिल्कुल पाक और दूध के धुले इंसान हो ? मैं तुम्‍हारे बारे में उल्‍टा सीधा क्‍यों बोलूँगा?

मोदी जी कहते हैं - वही तो मैं कहूँ, माय फ्रेंड डोलांड ऐसा कमीना नहीं हो सकता जो मेरा पोलिटिकल केरियर खत्‍म करने की धमकी दे । देखो हमारा दृढ़ संकल्‍प है कि वेनेजुएला का तेल ही हम ख़रीदेंगे चाहे वह हमें किसी भी भाव पडे़। रशिया और ईरान की तरफ मुड़कर भी नहीं देखेंगे। मेरे देश के लोग मेरे प्रेम में पाँच हज़ार रुपये लीटर तक तेल खरीदने को तैयार हैं। बस इन एआई से फर्जी वीडियों बना-बनाकर डालने वालों को पकड़कर मेरा सुख चैन लौटा दो।

ट्रम्प फिर अपने असली रूप में आकर कहता है- सुनो तेल तो तुम्हें झक मार कर ख़रीदना ही पड़ेगा, और जो-जो हम चाहें सब खरीदना पड़ेगा। जहाँ तक फर्जी वीडियों बनाने वालों की बात है तो वो तो आगे भी आते रहेंगे, मैं कुछ नहीं कर सकता।

मोदी जी कहते है- कैसी बातें करते हो डोलांड? चलो टैरिफ़ ही कम कर दो। इस शिखर सम्‍मेलन से मुझे कुछ तो ले जाने दो। मेरे देशवासियों को जवाब देना पड़ता है मुझे।

ट्रम्प कहता है - और कितना कम कर दूँ 50 का 18 कर दिया। तुम तो पहले तुम्हारे लोगों को फटकार-वटकार की नौटंकी बंद करने को कहो नहीं तो अबकी बार मैं 100 % टैरिफ ठोक दूँगा।

मोदी जी अचरज से कहते हैं- अरे? किसने फटकारा तुम्‍हें? मैं देखता हूँ वापस जाकर उसे। लेकिन तुम मेरे फ्रेंड हो कि नहीं ? तो ये सब टैरिफ-वैरिफ़ का नाटक क्यों? हमारा देश तुम्हारा ही तो है, चाहे जो डील साइन करवा लो। घर की ही तो बात है। मगर दिखाने के लिए ही सही थोड़ा रहम करो, लोग हमारी फ्रेंडशिप पर शक करने लगे हैं।

ट्रम्प कहता है- देखो मोदी माय फ्रेंड, फ्रेंडशिप अपनी जगह बिज़नेस अपनी जगह। तुम्हारे कॉर्पोरेट हमारे यहाँ से कमा कर ले जाएँगे तो थोड़ा बहुत हक तो हमारा भी बनता है डियर।

मोदी जी बोले- माय डियर डोलांड, तुम्हारे कॉर्पोरेट भी तो हमारे यहाँ से कमाते हैं, हम तो टैरिफ माँगते नहीं, तुम भी मत माँगो।

ट्रम्प बोला- माय फ़्रेंड मोडी, हम तुम्हारे यहाँ से सारा धंधा समेट लें तो भी हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ने वाला, तुम में दम हो तो तुम भी हमारे यहाँ से सारा बिज़नेस समेट लो।

मोदी जी हँसने लगते हैं और कार्पोरेट प्रतिनिधिमंडल की ओर देखते हुए कहते हैं - कैसी बातें करते हो डोलांड, जिनकी वजह से मैं प्रधानमंत्री बना और आगे भी बना रहने वाला हूँ उनके साथ धोखा करूँ, ये हो नहीं सकता। उनके लिए तो मेरी जान भी हाजि़र है।  

ट्रम्प बोला- तो फिर फ़ालतू की डिमांड मत करो । याद रखना हमारे किसी भी भारत विरोधी कदम पर अपना मुँह खोला तो मेरे पास तुम्‍हारे बारे में काफी कुछ विस्‍फोटक है।  

मोदी जी बोले- तो ठीक है तो फिर मैं भी मुँह में दही जमाकर बैठूँगा, तुम भी कुछ मत बोलो।

ट्रम्प बोला- मुझे न बोलने को कहने वाले तुम कौन होते हो मोडी?

मोदी जी ने फिर गुस्से में ट्रम्प को देखा और जैसे गुस्से में तमतमाते हुए गए थे वैसे ही वापस आ गए।

शिखर सम्‍मेलन का मोदी-ट्रम्‍प मुठभेड़ का सेशन समाप्‍त हो गया। भारतीय मीडिया ने ब्रेकिंग न्‍यूज चलाना शुरु किया- प्रधानमंत्री का मास्‍टर स्‍ट्रोक, ट्रम्‍प के सामने सीना तानकर खड़े हुए। इतिहास में किसी प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने इतना सीना नहीं फुलाया।  ट्रम्‍प-मोदी की ऐतिहासिक मुलाकात को दुनिया आँखें फाड़ती देखती रही। पूरी दुनिया में भारत का डंका बजा। पाकिस्‍तान के सीने पर साँप लोटा, आदि आदि।

देश में चारों तरफ हर्षोल्‍लास का वातावरण हो गया।

                                                 -०-

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें